देश के महान वैज्ञानिक सर आइजक न्यूटन के बारे मेें.....
न्यूटन अपने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है , जो उन्होंने सेब को पेड़ से नीचे गिरते देख प्रति पादित किया किया था । सर आइजक न्यूटन का जन्म वुलस्थरपे, lincoinshireमें सन्न 23 दिसंबर 1642 को हुआ था । वे विश्व के महानतम वैज्ञानिको में से एक थे उन्हें भौतिक का जन्म दाता कहा जाता है बचपन में न्यूटन कोई प्रतिभाशाली छात्र नही थे ।केम्ब्रिज विश्वविद्यालय में उन्होंने सत्र 1665 में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की सत्र 1667 में ट्रिनिटी कॉलेज में गणित के प्रोफ़ेसर पद पर नियुक्त किये गए।
सत्र 1672 में उन्हें रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन के फेलो चुना गया । न्यूटन 1689 में पार्लियामेंट के सदस्य चुने गए और सत्र 1705 में उन्हें रॉयल सोसायटी का अध्यक्ष बनाया गया । सत्र 1705 में महारानी ऐन ने उन्हें सर की उपाधि से सम्मानित किया ।
न्यूटन ने गुरुत्वाकरसँ का सिद्धांत (theory of gravitation) ओर गति के तीन नियम (three laws of motion) प्रतिपादित किये ।जो आज भी भौतिकी का आधार मने जाते है । और विद्यार्थियों को पढ़ाई जाते है ।न्यूटन ने सिद्ध किया कि सूर्य का सफेद प्रकास सात रंगों लाल , संतरी , पिला, हरा , आसमानी , बैंगनी से मिलकर बना है । एक परिश्रमी की सहायता के उन्होंने सात रंगों को जोड़ कर बताया । न्यूटन दुवारा डिस्क को घुमाने से सात रंग सफेद रंग में बदल जाते है उन्होंने सात रंगों को दसरे प्रिज्म दुवारा मिलाकर फिर से सफेद रंग में बदला । उन्होंने अपने दूसरे अविष्कारों को प्रिंसिपियो नामक पुस्तक में छपवाया । न्यूटन गणित में कैल्कुलम कई भी नीव डाली ।
वृद्धवास्त में न्यूटन ने खगोलीय पिंडों पर भी कार्य किया विज्ञान की सेवा करते हुए सत्र 20 मार्च 1727 को को 85 वर की आयु में उनका लंदन में देहांत हो गया । आज भी न्यूटन को विश्व के महानतम वेज्ञानिको में से गिना जाता है ।



